10 हजार की रिश्वत पर ACB ने दिखाया सीधा हिसाब
जयपुर में ACB की कार्रवाई ने फिर याद दिला दिया कि छोटा लगने वाला हिसाब भी व्यवस्था की बड़ी कमजोरी दिखा देता है। सांगानेर सदर पुलिस से जुड़ा मामला तब सामने आया जब एक पिकअप को छोड़ने और आरोप कम करने के बदले 10,000 रुपये मांगे जाने की बात उठी। ACB ने इस पर सीधी कार्रवाई की और मामला पकड़ में आ गया। ऐसे मामलों में गाड़ी रुकती है, काम अटकता है, और लोगों को लगता है कि एक छोटा काम भी बिना अतिरिक्त पैसा दिए नहीं होगा। "इतनी सी बात के लिए इतना घणा दबाव?" — यही वह पंक्ति है जो आम आदमी के मन में आती है। असल बात यह है कि रिश्वत का छोटा नंबर भी भरोसे पर बड़ा निशान छोड़ता है। जयपुर में इस तरह की कार्रवाई लोगों को याद दिलाती है कि सफाई सिर्फ बातों से नहीं, पक्की कार्रवाई से दिखती है.
