अठै: मारवाड़ी का सबसे सीधा शब्द
अठै का मतलब है ‘यहीं’ या ‘यहाँ’ — बिलकुल सीधा, बिलकुल काम का। म्हारे यार की लाइन थी: “अठै बैठ जा, चाय ठंडी हो जासी।” छोटा-सा शब्द, पर बात को घर जैसा बना दे। आज का मारवाड़ी शब्द यही है।
Aaj ka Marwari shabd
अठै का मतलब है ‘यहीं’ या ‘यहाँ’ — बिलकुल सीधा, बिलकुल काम का। म्हारे यार की लाइन थी: “अठै बैठ जा, चाय ठंडी हो जासी।” छोटा-सा शब्द, पर बात को घर जैसा बना दे। आज का मारवाड़ी शब्द यही है।
अरे, मारवाड़ी में एक बढ़िया शब्द है — अरड़ाणो। इसका मतलब है गाय-भैंस को बुलाने की आवाज़। गाँव में जब चरवाहा “अरड़ाणो” करता है, तो जानवर भी समझ जाते हैं। भाईसाब, एक शब्द में पूरा काम!
अर का मतलब है “और” — बस, सीधा, काम का। मारवाड़ी बात में यह छोटा सा शब्द पंक्ति जोड़ देता है, जैसे धूप अर छाँव, चाय अर गपशप। कल से एक वाक्य में इसे घुसा दो, फिर देखो बात कितनी अपनी लगती है।
सुन, आज का मारवाड़ी-मुक्ति शब्द है “अनहुई” — मतलब, जो बात हुई ही नहीं, जो काम अधूरा रह गया। जैसे: “कल मिलने का योजना था, पर अनहुई रह गया।” घणी काम की बात है, क्योंकि एक शब्द में पूरा दृश्य आ जाता है, भाईसाहब।
अणजाण यानी ‘अनजान’ — जो चेहरा अभी पहचाना नहीं, पर दिल को अजनबी भी न लगे। जयपुर की गलियों में कभी-कभी कोई अणजाण-सा दोस्त, एक ही बात से अपना लगने लगता है। म्हारे यार ने कहा, “तू अणजाण नहीं, बस अभी मिला है।”
किसी चीज़ को देखते ही जो सबसे पहले अलग लगे, वही है अनाण सनाण। मारवाड़ी में इसका मतलब होता है distinguishing feature — यानी वह बात जो किसी को या किसी चीज़ को दूसरों से अलग करे। जैसे जयपुर की छतरियों का डिज़ाइन, या किसी दोस्त की हँसी का अंदाज़।
आज का मारवाड़ी शब्द है अळगो — मतलब ‘दूर’ या ‘दूर का’। जैसे, “म्हारो स्कूल घणो अळगो है,” यानी स्कूल काफ़ी दूर है। सच्ची, एक छोटा शब्द और पूरी याद आ जाती है। अळगो वाली बात सीधी है: नज़र से दूर, पर बोलने में घणी प्यारी।
अै = “यह / ये”. मारवाड़ी में छोटा सा शब्द, पर बात को सीधा और अपना बना देता है। उदाहरण: “अै बात सच्ची है” — मतलब, “यह बात सच्ची है।” घणी सरल, घणी काम की। कसम से, एक शब्द में पूरा मतलब।
ऐक बोलते ही बात सीधी हो जाती है। मारवाड़ी में यह छोटा सा शब्द “one” के लिए आता है, और रोज़ की बातचीत में बहुत काम आता है। एक पंक्ति याद रखो: “म्हारे पास ऐक ही काम है।”
अडाणै आज का मारवाड़ी शब्द है — मतलब, किसी चीज़ को गिरवी रखना या गिरवी पर देना। घर की बात हो या ज़मीन की, शब्द सीधा और काम का है। म्हारे यहाँ कोई बोले, “यह ज़मीन अडाणै है,” तो समझो बात पैसे और ज़िम्मेदारी तक पहुँच गई।
अडावो सुनकर लगेगा कोई भारी बात है, पर सच्ची, यह मारवाड़ी शब्द बहुत सीधा है: गाय-भैंस को चराने के लिए जो ज़मीन छोड़ी जाती है, वही अडावो। म्हारे गाँव में यह शब्द रोज़ बोला जाता था। एक पंक्ति: "भैंस अडावो तरफ ले जा।"
आज का मारवाड़ी शब्द है आवणौ — मतलब, आना। सीधा-सा शब्द, पर घणी काम का। “म्हारे घरे आवणौ” = मेरे घर आना। बस इतना बोल दो, बात अपनी सी लगने लगती है, सच्ची।
आवजो बोलते ही बात नरम हो जाती है। इसका सीधा मतलब है: “आइए” या “आ जाइए।” घर के फाटक पर, फोन पर, या मेहमान को बुलाते समय काम आता है। उदाहरण: “कल शाम म्हारे घर आवजो, चाय पिलाएँगे।”
आवैली का मतलब होता है “आएगी” — स्त्री रूप. घर में बोल दो: “वह आवैली है।” सीधा, सच्चा, और घणी काम का शब्द. मारवाड़ी में छोटी सी शब्द, पर बात को बिलकुल अपने रंग में बोल देती है. भाईसाब, इसकी समय-सीमा कल शाम वाली आवैली पर टिकी है.
आपणों का मतलब बस “हमारा” नहीं, बल्कि वह चीज़ जो दिल से अपनी लगे। घणी बार राजस्थानी बात में यह शब्द घर, लोग और जिम्मेदारी — सब जोड़ देता है। एक पंक्ति याद रखो: “यह आपणों की जगह है।”
पधारो, आज का मारवाड़ी-मुक्ति शब्द है **आंवती (आंवती)** — मतलब **भविष्य**, यानी आने वाला कल। जैसे: “म्हारी आंवती में जयपुर से बाहर पढ़ाई करनी है।” सच्ची, एक छोटा सा शब्द, पर बात घणी बड़ी।
आंतरो का मतलब है दूरी या अंतराल — यानी दो चीज़ों के बीच का फासला। जयपुर की गली में बोल दो, “थोड़ा आंतरो रख,” तो सामने वाला समझ जाता है। आज का शब्द है आंतरो, और इसका एक पंक्ति में उपयोग: “स्कूल तक का आंतरो घणो कम है।”
आंखड़ल्यां सुनते ही सीधा चेहरा याद आता है। मारवाड़ी में इसका मतलब है आँखें। जैसे: “म्हारी आंखड़ल्यां थक गई” — यानी आँखें थक गईं। एक छोटा-सा शब्द, पर बात पूरी। घणी बार बोलने पर भी यह शब्द दिल में अटक जाता है।
आंखड़ली वह मारवाड़ी गीत है जो दामाद के पहली बार ससुराल आने पर गाया जाता है — प्यार, मज़ाक और घर की खुशी एक साथ। सच्ची, इसमें छोटा सा स्वागत भी है और बड़ा सा दिल भी। एक पंक्ति याद रखो: 'आंखड़ली सुनके दामाद भी शर्मा गया।'
आकरो सुनते ही दिमाग में वज़न नहीं, अंदाज़ भी आता है। मारवाड़ी में आकरो का मतलब है भारी — बोझिल चीज़, या कोई बात जो दिल पर लग जाए। जैसे: "यो डिब्बो आकरो है।" घणी सरल, घणी काम की शब्द।