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आज का मारवाड़ी शब्द: अै — मतलब ‘यह सब’
मारवाड़ी मुक्तिMarwadi Mukti

आज का मारवाड़ी शब्द: अै — मतलब ‘यह सब’

अै = “यह सब” या “इन सब को” कहने का मारवाड़ी तरीका। बात छोटी है, काम बहुत। जैसे घर में कोई पूछे, “अै कौन ले आया?” मतलब “यह सब किसने ले आया?” घणी काम की पंक्ति, सच्ची।

1h
दिल्ली से वीकेंड निकालना हो? ये 7 जगह काफ़ी हैं

दिल्ली से वीकेंड निकालना हो? ये 7 जगह काफ़ी हैं

दिल्ली की भागदौड़ से शुक्रवार शाम निकलते ही बस, एक बैग और थोड़ा सा मूड चाहिए। ऋषिकेश की हवा, जयपुर की गलियां, आगरा का नया-नया चक्कर, मसूरी की ठंडी चढ़ाई — सब वीकेंड को अलग रंग दे देते हैं। पर एक रास्ता सबसे सीधा कौन सा है?

3h
पन्ना मीना का कुंड: सुबह की रेखाएँ
आज की जयपुरAaj Ki Jaipur

पन्ना मीना का कुंड: सुबह की रेखाएँ

पन्ना मीना का कुंड सुबह की पहली धूप में सीधा ज्यामिति का कागज़ लगता है। सीढ़ियाँ, कोने और छत की परछाइयाँ एक साथ चलती हैं। यहाँ ठंडी हवा में कुछ स्थानीय लोग चुपचाप बैठते हैं, और एक पुराना विराम अब भी चलता है.

5h
कठपुतली कॉलोनी: कौन नचा रहा है?
कॉमिक कविComic Kavi

कठपुतली कॉलोनी: कौन नचा रहा है?

कठपुतली कॉलोनी में डोर खींचे कलाकार के हाथ, पर सबसे ज़्यादा हिलती है ज़िंदगी खुद। घूमती गुड़ियाँ, साँस रोके तमाशा, और पर्दे के पीछे की मेहनत—घणी मेहनत के बाद भी असली ताली किसकी मिलती है, वह छोटा सा राज़ अभी बाकी है।

6h
जयपुर के मतदान केंद्र पर पहुंचा निकाय चुनाव का मूड

जयपुर के मतदान केंद्र पर पहुंचा निकाय चुनाव का मूड

सिविल लाइंस के मतदान केंद्र पर वोट पड़ा, और जयपुर का निकाय मूड फिर से गरम हो गया। सचिन पायलट ने इस मौके पर सरकार को घेरा—बात सीधी थी, कि उच्च न्यायालय के आदेश के बिना ये चुनाव और भी लटके रहते। अब सवाल यह है: उनकी इस टिप्पणी पर सरकार का जवाब क्या आता है?

8h
जयपुर के बूथों पर सुबह से लंबी कतार

जयपुर के बूथों पर सुबह से लंबी कतार

जयपुर के मतदान केंद्र पर सुबह से ही एक ही नज़ारा था — कतार, कतार और फिर कतार। महिला मतदाता सबसे आगे दिख रही थीं, और बूथ के बाहर का माहौल बिल्कुल शहर के सब्र जैसा लगा। सब लोग एक ही सवाल पर ठहरे थे: पंक्ति कितनी लंबी निकलेगी?

8h
ऐक: मारवाड़ी में 'एक' का प्यारा नाम
मारवाड़ी मुक्तिMarwadi Mukti

ऐक: मारवाड़ी में 'एक' का प्यारा नाम

ऐक सिर्फ संख्या नहीं, बोलने का एक नरम मारवाड़ी अंदाज़ भी है। मतलब: 'वन' या 'एक'। जैसे, "म्हारे पास ऐक ही बात है।" छोटी सी शब्द, पर बोलने में घणी प्यारी लगती है। इसका सही इस्तेमाल कैसे होता है, वह लेख में है।

17h
भिवाड़ी के वेयरहाउस से निकले दवा नमूनों पर सवाल

भिवाड़ी के वेयरहाउस से निकले दवा नमूनों पर सवाल

भिवाड़ी के एक अवैध वेयरहाउस से ज़ब्त की गई दवाओं के 18 नमूनों में से 5 उपमानक निकले। दवा का डिब्बा देखने में ठीक, पर अंदर की गुणवत्ता ने व्यवस्था को थोड़ा झकझोर दिया। अब आयुक्तालय की अगली कार्रवाई पर सब की नज़र है — आखिर और कितना निकलेगा?

17h
जयपुर जेल की तलाशी में मोबाइल मिला — अब 3 करोड़ फंड का लिंक

जयपुर जेल की तलाशी में मोबाइल मिला — अब 3 करोड़ फंड का लिंक

जयपुर केंद्रीय कारागार की तलाशी में एक मोबाइल फोन मिलना सिर्फ एक सामान का मिलना नहीं, एक पूरा सवाल है। फोन किससे जुड़ा था, उसमें कौन-कौन से नंबर थे, और 3 करोड़ फंड मामले से इसका क्या रिश्ता निकलेगा — ये तीन बातें अब सबकी नज़र में हैं।

17h
जयपुर कुर्ती का नया प्लान, 50 स्टोर्स का लक्ष्य

जयपुर कुर्ती का नया प्लान, 50 स्टोर्स का लक्ष्य

जयपुर कुर्ती अब सिर्फ़ ऑनलाइन या एक-दो शेल्फ़ तक रुकने वाला ब्रांड नहीं लग रहा। Project 50 के साथ कंपनी ने रिटेल में घणी बड़ी छलांग का संकल्प दिखाया है — मार्च 2027 तक 50 स्टोर्स खोलने का प्लान। अब सवाल बस इतना है: पहला नया स्टोर कहाँ खुलेगा?

17h
राज नागरिक चुनाव: ट्रांसजेंडर उम्मीदवार पर टिप्पणी को लेकर नोटिस

राज नागरिक चुनाव: ट्रांसजेंडर उम्मीदवार पर टिप्पणी को लेकर नोटिस

लालसोट की नागरिक राजनीति में इस बार बात सीधे मुद्दे से निकलकर टिप्पणी तक पहुँच गई। ट्रांसजेंडर उम्मीदवार पर की गई बातों के बाद नोटिस जारी हुआ, और अब सबकी नज़र उस जवाब पर टिक गई है जो फ़ाइल का रुख बदल सकता है।

17h
87.60 लाख वोटर, फाइनल फेज़ का scene set

87.60 लाख वोटर, फाइनल फेज़ का scene set

जयपुर, जोधपुर और कोटा के शहरी निकाय चुनावों का फाइनल फेज़ शुक्रवार को है, और 87.60 लाख से ज़्यादा वोटर अपना मूड बैलेट बॉक्स तक ले जाने वाले हैं। 147 शहरी स्थानीय निकायों में लाइन का scene कैसा रहेगा — यही सबसे बड़ा सवाल है।

17h
जौहरी बाजार की पोलकी, घर की यादों का खज़ाना
जयपुर बोलेJaipur Bole

जौहरी बाजार की पोलकी, घर की यादों का खज़ाना

जौहरी बाजार की पोलकियों के छोटे-से झरोखों के पीछे सिर्फ़ जेवर नहीं, पूरा घर बोलता है। एक तरफ़ कारीगरी, दूसरी तरफ़ शादी की याद। घणी बार यहीं से निकली चूड़ी, नथ और जड़ाऊ सेट किस दुल्हन के नाम था — यह भी दुकान वाले ही बताते हैं।

18h
जल महल के परिंदे और सेल्फी की सुबह
कॉमिक कविComic Kavi

जल महल के परिंदे और सेल्फी की सुबह

सुबह जल महल के पास परिंदे पहले उठते हैं, पर्यटक बाद में। कभी मोर छत की दीवार पर, कभी कबूतर पानी के ऊपर; और भइया, कैमरे की क्लिक उनसे पहले चल पड़ती है। लेकिन असली ड्रामा वह सेल्फी वाली भीड़ है जो पानी से ज़्यादा अपने एंगल से प्यार करती है।

19h
किशनपोल की लकड़ी और हाथ का काम
बाज़ार के किस्सेBazaar Ke Kisse

किशनपोल की लकड़ी और हाथ का काम

किशनपोल बाज़ार में लकड़ी की खुशबू और हथौड़े की टिक-टिक एक साथ चलती है। यहाँ थोक दुकानों में अलमारी, मेज़, मंदिर की चौकी और हस्तशिल्प का सामान एक कतार में मिलता है। सबसे बड़ी बात? एक सौदा जो 12 हज़ार से 8 हज़ार तक आ गया।

21h
सेंट्रल पार्क की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

सेंट्रल पार्क की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

सेंट्रल पार्क की हरी छाया के बीच एक लग्जरी गाड़ी, एक बाइक और एक बड़ा सुरक्षा सवाल टकरा गए। सुबह जहाँ वीआईपी लोग सैर के लिए आते हैं, वहीं इतनी आसानी से घटना हो जाना व्यवस्था को सीधा चुनौती देता है। अब लोग एक ही बात पूछ रहे हैं: गश्त कहाँ थी?

23h
पंजाब कांग्रेस में गुटबाज़ी का हिसाब फिर खुला

पंजाब कांग्रेस में गुटबाज़ी का हिसाब फिर खुला

पंजाब में 2027 से पहले ही कांग्रेस का माथा घूम रहा है। पार्टी के अंदर अलग-अलग खेमे अपनी जगह पकड़े हुए हैं, और शीर्ष स्तर पर संतुलन बनाना आसान नहीं दिख रहा। छोटा-सा नाम नहीं, पूरा हिसाब बिगड़ सकता है—और वही सबसे बड़ा सवाल है।

23h
ब्रिक्स में women-led trade का नया रास्ता

ब्रिक्स में women-led trade का नया रास्ता

ब्रिक्स की बैठक में एक सीधा सवाल उठा: महिला उद्यमी का माल सीमा तक कैसे पहुँचता है? ऋण, खरीदार और नियम — तीनों द्वार खोलने की बात हुई। जयपुर कंसेंसस के बाद अब देखने वाली बात यह है कि women-led trade platform का पहला व्यावहारिक कदम क्या निकलता है।

23h
जयपुर के डार्क स्टोर में मिलावट पर वार

जयपुर के डार्क स्टोर में मिलावट पर वार

ज़ेप्टो के डार्क स्टोर में डेयरी पैकेट और एक्सपायर्ड खाने का स्टॉक देखकर घणी सी छोटी बात नहीं, पूरा सिस्टम का आईना दिख गया। 1,550 पैकेट और 7 किलो एक्सपायर्ड माल का मामला था — पर असली सवाल स्वच्छता और भंडारण का है, जो सबको सोचने पर मजबूर करता है.

23h
जयपुर में आज 24 लाख वोट, 652 बूथ संवेदनशील

जयपुर में आज 24 लाख वोट, 652 बूथ संवेदनशील

जयपुर की मतदान की तस्वीर आज काफ़ी भारी है — 24 लाख से ज़्यादा मतदाता और 652 बूथ संवेदनशील श्रेणी में रखे गए हैं। गलियों में रोज़मर्रा का काम चल रहा है, पर मतदान के आँकड़े बता रहे हैं कि नज़र हर जगह बनी हुई है। सबसे बड़ा सवाल: इन 652 बूथ पर व्यवस्था कितनी सुचारु रहेगी?

23h