Jaipur Live
कॉमिक कविComic Kavi

कॉमिक कवि

Khattar-mitthi humour

जौहरी बाजार: लास्ट प्राइस का प्यार
कॉमिक कविComic Kavi

जौहरी बाजार: लास्ट प्राइस का प्यार

जौहरी बाजार में गहना चमकता है, और उससे ज़्यादा चमकती है एक बात: “लास्ट प्राइस?” बेचने वाला मुस्कराता है, खरीदने वाला और ध्यान से देखता है। दोनों जानते हैं, यहीं से प्यार भी शुरू होता है और हिसाब भी। बस वह आख़िरी नंबर...

3h
जौहरी बाजार के लाख के कंगन और सब्र की सौदा
कॉमिक कविComic Kavi

जौहरी बाजार के लाख के कंगन और सब्र की सौदा

जौहरी बाजार में लाख के कंगन खरीदना खरीदारी से ज़्यादा एक सौदा-बाज़ी होती है। रंग, नाप, और “यह हाथ पर बिलकुल ठीक बैठेगी” वाली बात पर परिवार की तीन अलग राय निकल आती है। और दुकानदार? भाईसाब, वह तो घणी धीरज से कहता है: पहले यह नाप देखो, फिर दिल।

16h
झालाना सफारी में शेर कौन, शिकारी कौन?
कॉमिक कविComic Kavi

झालाना सफारी में शेर कौन, शिकारी कौन?

झालाना की धूल में जीप आगे बढ़ी, और घास के परदे के पीछे से आँखें चमकीं। गाइड ने धीरे से इशारा किया, पर सवाल उल्टा पड़ गया: शेर देख रहा था या पर्यटक? बस एक सेल्फी का कोण सबसे पहले पकड़ा गया।

1d
चोखी ढाणी में ऊँट की तारीफ, ऐगो का झटका
कॉमिक कविComic Kavi

चोखी ढाणी में ऊँट की तारीफ, ऐगो का झटका

चोखी ढाणी की ऊँट-गाड़ी में बैठा पर्यटक, और चालक ने ऐसी तारीफ बरसा दी जैसे जयपुर का राजा वही हो। ऊँट ने भी गर्दन घुमा के सीना और फुला दिया। बस फिर एक बच्चे की एक बात ने उसका पूरा शाही मूड उतार दिया, भइया.

1d
जोहरी बाज़ार का 'सिंपल' सेट
कॉमिक कविComic Kavi

जोहरी बाज़ार का 'सिंपल' सेट

जोहरी बाज़ार में ग्राहक बोला, “बस थोड़ा सा सिंपल कुंदन चाहिए।” दुकानदार ने ऐसी मुस्कान दी जो सीधे बिल तक पहुँच गई। क्योंकि यहाँ ‘सिंपल’ का मतलब होता है पतली सी बात, पर काम में घणी चमक और बिल में वह एक नंबर जो बाद में समझाएगा।

2d
बापू बाजार का मोलभाव थिएटर
कॉमिक कविComic Kavi

बापू बाजार का मोलभाव थिएटर

बापू बाजार में एक दुपट्टा लेने घुसा था, निकलते समय थैला, छोटा-सा दीवार सज्जा और दो जोड़ी झुमके भी साथ थे। दुकानदार ने हँसकर कहा, 'भाइसा, आप एक लेने आए थे, लेकिन हाथ में पूरा मूड ले जा रहे हो।'

2d
प्याज कचौरी का पहला क्रंच
कॉमिक कविComic Kavi

प्याज कचौरी का पहला क्रंच

रावत वाली प्याज कचौरी का पहला क्रंच सिर्फ नाश्ता नहीं, जयपुर का इम्तिहान है। एक कौर में आँखें नम, नाक सतर्क, और दिल बोलता है—घणी बढ़िया। उसी पल आदमी का असली रूप निकल आता है: हीरो, राजा, या पानी माँगने वाला?

3d
पंगट की लाइन और जयपुर की ट्रेनिंग
कॉमिक कविComic Kavi

पंगट की लाइन और जयपुर की ट्रेनिंग

पंगट पर घड़ा भरती और जयपुर की छोटी-छोटी अदब वाली दौड़ चलती रहती है। कोई चूड़ी से इशारा दे, कोई बाल्टी को ऐसे रखे जैसे बारी पक्की हो। सब्र भी, गपशप भी — और आखिर में सुषीला बाई ने लाइन का सटीक हिसाब सुना दिया।

3d
पन्ना मीना के सीढ़ी और सेल्फी का झुंड
कॉमिक कविComic Kavi

पन्ना मीना के सीढ़ी और सेल्फी का झुंड

पन्ना मीना का कुण्ड की सीढ़ियाँ ऐसी सीधी नहीं, सीधी-सादगी की दीवार हैं — एक तरफ़ सममिति, दूसरी तरफ़ सेल्फी की दौड़। हर घड़ी कोई न कोई पोज़ में, और पीछे भीड़ का ट्रैफिक जाम। भाईसाब, यहाँ असली भीड़-नियंत्रण वो 13वीं सीढ़ियाँ कर देती हैं।

4d
कठपुतली से पंक्चुअल जयपुर
कॉमिक कविComic Kavi

कठपुतली से पंक्चुअल जयपुर

कठपुतली ने आज घड़ी भी शर्मिंदा कर दी, भाईसाब — न वह देर से आई, न उलझी। जवाहर कला केंद्र में दर्शकों से ज़्यादा तैयार तो लकड़ी के वे रंग-बिरंगे साथी लगे, और उनकी आँखों में भी पूरा जयपुर चलता दिखा।

5d
पन्ना मीना की सीढ़ियों का ज्योमेट्री क्लास
कॉमिक कविComic Kavi

पन्ना मीना की सीढ़ियों का ज्योमेट्री क्लास

पन्ना मीना का कुंड पर सीढ़ियाँ ऐसी कि एक मोड़ लो, तो लगता है छोटा रास्ता मिल गया। फिर जयपुर याद दिलाता है: यहाँ हर चढ़ाई के बाद थोड़ा रुकना, पोज़ देना, और फिर आगे बढ़ना ही असली सबक है। सबसे बड़ी गणना? कितनी बार बैठकर फोटो लेनी है।

5d
जौहरी बाजार का कुंदन, और हर अंगूठी की कहानी
कॉमिक कविComic Kavi

जौहरी बाजार का कुंदन, और हर अंगूठी की कहानी

जौहरी बाजार की कुंदन की खिड़कियों में अंगूठी देखो तो लगता है जैसे नानी की तिजोरी खुल गई हो। एक अंगूठी पसंद आती है, पर दुकानदार बोलता है: “भाइसाब, यह तो तीसरी पीढ़ी के लिए बनी है।” कसम से, एक अंगूठी पर दो घरवाले पहले ही हाँ बोल चुके थे।

6d
पिछवाई की खामोश डेडलाइन
कॉमिक कविComic Kavi

पिछवाई की खामोश डेडलाइन

नाथद्वारा की पिछवाई में रंग अभी सूखा भी नहीं, और रेशम पर चाँद की रोशनी उतर चुकी है। चित्रकार की चुप्पी में भी डेडलाइन चल रही है—घणी धीरे, पर कसम से पक्की। दीवार पर कपड़ा पहले सजता है, फिर दीवार के पास वह एक रात का हिसाब।

6d
बापू बाज़ार का घंटी-छाप मोलभाव
कॉमिक कविComic Kavi

बापू बाज़ार का घंटी-छाप मोलभाव

बापू बाज़ार में जूती उठाओ तो पहले दाम सीधा आसमान छूते हैं। लाख की चूड़ियाँ बेचने वाला दो लाइन बोलकर नाटक कर देता है, और मोजड़ी वाले का आख़िरी दाम सुनके घंटी भी शरमा जाए। पर अंत में जो सौदा बनता है, वह छोटी जीत जैसा लगता है।

7/10/2026
प्याज कचोरी: पहला काट, शांति की कसम
कॉमिक कविComic Kavi

प्याज कचोरी: पहला काट, शांति की कसम

जयपुर की प्याज कचोरी का पहला काट सीधे दिल पर नहीं, कुर्ते पर पड़ता है। खस्ता छत, गरम भरवा, और चटनी का तीर—तीनों मिलकर एक छोटी सी नागरिक रस्म कर देते हैं। बस एक सवाल बचता है: शर्ट पर पहला दाग किस तरफ से आया?

7/9/2026
प्याज़ कचौरी की कूटनीति
कॉमिक कविComic Kavi

प्याज़ कचौरी की कूटनीति

प्याज़ कचौरी गरम आए और मेज़ पर खामोशी? जयपुर में वह तब होती है जब पहला कौन काटकर लेगा, और अतिरिक्त चटनी किसकी थाली में जाएगी। भाईसाहब, यही एक कौर पूरी अड्डे की माहौल-साज़ी कर देता है — और छोटा-सा कटोरा भी।

7/8/2026
जौहरी बाजार: एक नज़र, बजट का प्रण-त्याग
कॉमिक कविComic Kavi

जौहरी बाजार: एक नज़र, बजट का प्रण-त्याग

जौहरी बाजार की कुंदन-मीना दुकान-टहल बस इतनी सी है: एक हाथ में कान की बाली, दूसरे में दिल की धड़कन। कारीगर मुस्कुराए, आप सिर्फ “देख रहे हैं” बोलो, और बजट का प्रण-त्याग खुद हो जाता है—घणी जल्दी।

7/8/2026
पंच बत्ती: जयपुर का ग्रुप चैट
कॉमिक कविComic Kavi

पंच बत्ती: जयपुर का ग्रुप चैट

पंच बत्ती पर सिग्नल लाल हो, पीला हो या हरा — जयपुर का ग्रुप चैट खुल ही जाता है। हर हॉर्न एक नया संदेश लगता है, और स्कूटर वाले टाइपिंग बंद ही नहीं करते। सबसे बड़ी बात? हरा होते ही कौन सबसे पहले निकलता है।

7/7/2026
पतली रोटी का असली टेस्ट
कॉमिक कविComic Kavi

पतली रोटी का असली टेस्ट

जयपुर की थाली में पतली रोटी सिर्फ रोटी नहीं, एक छोटा सा इम्तिहान है। सही बनी हो तो हवा से फूल जाए, सब्जी से पहले प्लेट से गायब हो जाए। और अगर न हो, तो म्हारे भाईसाब, सब की नज़र उसी एक रोटी पर टिक जाती है।

7/7/2026
प्याज़ कचौरी का पहला काट
कॉमिक कविComic Kavi

प्याज़ कचौरी का पहला काट

जयपुर में प्याज़ कचौरी का फर्स्ट बाइट सिर्फ खाना नहीं, एक छोटा सा ड्रामा है। उँगलियों पर तेल, प्लेट में चटनी की कूटनीति, और मुँह में ऐसी गरमाहट कि भाई साहब, इंसान सीधे हीरो बन जाए। सबसे बड़ी बात? वह चेहरा जो “बिलकुल तीखा नहीं” बोलता है।

7/6/2026