पांच बत्ती की शाम, चाय और ट्रैफिक का सीरियल
पांच बत्ती की शाम सीधी सड़क नहीं, लाइव सीरियल है। स्कूटर लाइन में, संकेत पर ड्रामा, और चाय की टपरी पर पूरी आवाज़ में टिप्पणी। कर्ब पर बैठो तो लगता है जयपुर खुद रंगमंच हो गया है, और एक आदमी का धीमा मोड़ अभी भी बाकी है।



















