आमेर किले की रैंपार्ट पर सुबह का पहला कदम
आमेर किले की रैंपार्ट पर सुबह का पहला कदम पड़ते ही जयपुर की हवा अलग लगती है। नीचे धुंध में घुला माओटा का पानी, ऊपर सन्नाटा और दीवार पर चमकती रोशनी — बस इतना सा दृश्य पूरी नगरी को धीमा कर देता है। और वह पहला पाँव? अक्सर एक ही होता है।



















