जोहरी बाजार की सुबह, चाँदी और नींद
जोहरी बाजार की सुबह में सबसे पहले आवाज़ नहीं, शटर होता है। चाँदी की चमक अभी आधी जगी होती है, लाख की दुकानों में डिब्बे लाइन से पड़े रहते हैं, और चाय की भाप से गली थोड़ी गरम लगती है। एक दुकान का पूरा राज़ उसके पहले खुलते शटर की आवाज़ में छुपा है।



















