जयपुर के मतदान केंद्र पर पहुंचा निकाय चुनाव का मूड
सिविल लाइंस, जयपुर में निकाय चुनाव के दूसरे चरण में मतदान के बाद राजनीतिक गर्मी भी बढ़ गई। यहां एक तरफ लोग मतदान केंद्र के बाहर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे, और दूसरी तरफ चर्चा इसी बात पर टिक गई कि शहर के काम इतने दिन क्यों अटके रहे। सचिन पायलट ने मतदान के बाद साफ कहा कि चुनाव उच्च न्यायालय के आदेश से संभव हुए, वरना सरकार इन्हें टालती रही। उन्होंने बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति और शहरी विकास की धीमी रफ्तार पर भी निशाना साधा। जयपुर में यह बात नई नहीं लगती—सड़क, सफाई, पानी और स्थानीय काम पर लोग अक्सर वही पुराना सवाल उठाते हैं: काम कब चलेगा? इसी बीच उनकी टिप्पणी ने माहौल को और सीधा सा कर दिया, क्योंकि निकाय चुनाव का मतलब सिर्फ वोट नहीं, शहर की रोज की जिंदगी का हिसाब भी होता है।
