जयपुर के बूथों पर सुबह से लंबी कतार
सुबह की ठंडी हवा के साथ जयपुर के मतदान केंद्रों पर एक सीधा-सा दृश्य था: कतार, कतार और फिर कतार। कई जगह महिला मतदाता सबसे पहले नज़र आईं, जो अपने काम को बिना शोर के निभा रही थीं। बूथ के बाहर खड़े लोग कह रहे थे कि आज का दिन बस वोट देने का नहीं, अपनी बात को लाइन में खड़े होकर कहने का भी है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में यह तस्वीर एक ही बात समझा रही थी — लोगों में ज़िम्मेदारी का एहसास अभी भी ज़िंदा है। घणी धूप चढ़ने से पहले ही कई बूथों पर गतिविधि बढ़ गई थी, और छोटी-छोटी बातों में भी एक नरमी थी: किसी ने थोड़ी जगह दे दी, किसी ने लाइन सँभाल ली। जयपुर का यह रोज़ का नागरिक मूड कभी-कभी नीति से ज़्यादा, सीधे व्यवहार से बोल देता है।
