ब्रिक्स में women-led trade का नया रास्ता
नई दिल्ली की BRICS Women-Led Development Conference में बात सिर्फ भाषण तक नहीं रुकी। मूल मुद्दा था कि महिला उद्यमी को अंतरराष्ट्रीय व्यापार में प्रवेश के लिए तीन चीजें चाहिए: पैसा, खरीदार और ऐसे नियम जो रोज़ बदलें नहीं। इसी लिए ऋण, बाज़ार तक पहुँच और पूर्वानुमेय नियमों पर ज़ोर दिया गया। भारत की तरफ से अपना अनुभव रखा गया — बैंक खाते, बिना जमानत वाले ऋण, स्वयं सहायता समूह और Lakhpati Didi जैसे बदलाव। यह भी कहा गया कि महिलाओं को सिर्फ लाभार्थी नहीं, विकास की वास्तुकार माना जाना चाहिए। जयपुर में हुई BRICS Commerce बैठक का ज़िक्र आया, जहाँ छोटे निर्यातकों के लिए स्वैच्छिक मूल्यांकन सिद्धांतों पर बात बनी थी। अब अगला सवाल है: क्या BRICS का साझा व्यापार मंच, e-invoice और women-led delegations इस बात को कागज़ से निकालकर बाज़ार तक ले जा पाएँगी?
