भिवाड़ी के वेयरहाउस से निकले दवा नमूनों पर सवाल
भिवाड़ी के एक अवैध वेयरहाउस से जब दवाओं के नमूने उठाए गए, तो मामला सिर्फ भंडार का नहीं, भरोसे का भी बन गया। 18 नमूनों की जाँच हुई और 5 उपमानक निकले — मतलब डिब्बे पर कुछ और, अंदर की हालत कुछ और। ऐसे समय में एक छोटी सी पंक्ति भी भारी लगती है: दवा हो तो सही, वरना मरीज़ का जोखिम बढ़ता है। राजस्थान औषध नियंत्रण आयुक्तालय ने रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। भिवाड़ी जैसे औद्योगिक क्षेत्र में ऐसी पकड़ इस बात की याद दिलाती है कि दवा की आपूर्ति शृंखला में एक कड़ी कमज़ोर हो, तो असर सीधे घर तक पहुँचता है। घणी सच्ची बात यह है कि दवा के साथ समझौते की कोई जगह नहीं। अब नज़र इस पर है कि जाँच और सख्त होती है या नहीं — क्योंकि सेहत का मामला कभी हल्की बात नहीं होता।
