10,000 से ज़्यादा नामांकन वापस — निकाय चुनाव का मिज़ाज बदला
राजस्थान के निकाय चुनावों में नामांकन वापसी का आंकड़ा 10,000 से ऊपर पहुँचना कोई छोटी बात नहीं है। प्रचार के शोर के बीच जब इतने फार्म वापस होते हैं, तो वार्ड-स्तर की प्रतिस्पर्धा का पूरा मिज़ाज बदल जाता है। कहीं सीट पर सीधा मुकाबला रह जाता है, कहीं पहले से चल रही गिनती और रणनीति दोनों हिल जाती हैं। माहौल में सबसे बड़ी बात यही है कि लोग इसे सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि स्थानीय राजनीतिक दबाव और समझौते वाली राजनीति की निशानी मान रहे हैं। एक तरफ प्रत्याशी, दूसरी तरफ उनके समर्थक, और बीच में मतदाता जो बस इतना देख रहे हैं कि मैदान में बच क्या गया। घणी छोटी चुनावी राजनीति में कभी-कभी एक वापसी भी पूरी कहानी बदल देती है। ऐसे में असली सवाल यह है: आगे का मुकाबला कितना सीधा बचेगा?
