65.27 लाख नकद जमा पर नोटिस, फिर पलटा मामला
बैंक में एक साथ 65.27 लाख रुपये की नकद जमा देखकर आयकर नोटिस आ जाना, किसी भी परिवार को घुमा देता है। यही एक वरिष्ठ नागरिक के साथ हुआ, जहाँ पहले हिसाब सीधा नहीं लग रहा था। लेकिन बाद में उनके बेटे ने पेंशन, सावधि जमा और धन अंतरण का पूरा विवरण रखकर बताया कि यह राशि कहीं से नहीं आई, बल्कि पहले से मौजूद बचत का ही रूप थी। ITAT Jaipur ने इस अभिलेख को देखकर मामले को अलग नज़र से पढ़ा। न्यायालयी भाषा में नहीं, सीधी बात यह निकली कि हर नकद जमा का अर्थ नई आय नहीं होता। कभी-कभी घर के पुराने पैसे बैंक में जमा होते हैं और कागज़ी विवरण ही सबसे बड़ा प्रमाण बन जाता है। Jaipur के लिए यह एक वक्र याद दिलाने वाली बात है: आजकल बैंक विवरण खुद कहानी सुना देता है, बस उस कहानी को सही तरह जोड़ना पड़ता है। और इसी जोड़ में मामले का फैसला बदल गया।
