83 साल की विधवा को कर-लड़ाई में राहत
Jaipur में कर का एक पुराना हिसाब आखिर बैंक अभिलेखों के सहारे सुलझ गया। 83 साल की विधवा के मामले में FD परिपक्वता और नकद जमा का कुल योग Rs 2.42 lakh था, जिसे पहले अस्पष्ट आय माना गया था। पर अभिलेखों ने दिखाया कि पैसा कहीं से अचानक नहीं आया; FD की परिपक्वता और जमा का स्रोत बैंक प्रवाह में साफ था। Jaipur ITAT ने इस कागज़ी प्रवाह को देखा और राहत दे दी। यही बात इस मामले को खास बनाती है: कभी-कभी कर का मामला पैसों से ज़्यादा काग़ज़ों का होता है। एक छोटी सी पंक्ति, पर बड़ा फर्क — बैंक प्रविष्टि, परिपक्वता-पत्र, और जमा का मेल। Jaipur के पाठकों के लिए इसमें एक सीधा सबक भी है: पुराने वित्तीय कागज़ संभालकर रखना कितना काम आता है। घणी देर बाद भी सच्ची प्रविष्टि बोल देती है।
