84 साल के हाई-रिस्क दिल का जयपुर में उन्नत इलाज
जयपुर के एक मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में 84 साल के हाई-रिस्क हृदय रोगी के जटिल कोरोनरी धमनी मामले को उन्नत कोरोनरी हस्तक्षेप से संभाला गया। सामान्यतः ऐसे मामलों में पारंपरिक बायपास शल्य-चिकित्सा का विचार करना पड़ता है, लेकिन इस बार टीम ने कैथेटर-आधारित तकनीक से इलाज किया और शल्य-चिकित्सा की आवश्यकता नहीं पड़ी। यह कोई साधारण मामला नहीं था; आयु भी अधिक थी और जोखिम भी। फिर भी, समय पर लिया गया निर्णय और आधुनिक हृदय-देखभाल ने काम किया। भीतर की एक बात यह भी थी कि परिवार को सबसे बड़ी राहत इसी से मिली कि लंबा ऑपरेशन टल गया। जयपुर में ऐसे मामले याद दिलाते हैं कि उन्नत इलाज अब सिर्फ बड़े शहरों की बात नहीं, बल्कि यहीं की स्वास्थ्य-व्यवस्था का हिस्सा बन चुका है। घणी बड़ी बात है, सच्ची।
