9.1 मिलियन लोगों को पेंशन, राजस्थान का बड़ा हिसाब
राजस्थान में सामाजिक सुरक्षा पेंशन का दायरा अब 9.1 मिलियन से भी आगे निकल चुका है। यह सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि उन घरों की रोजमर्रा की सांस है, जहाँ महीने के खर्च को संभालने में हर रुपया गिन-गिन कर चलाना पड़ता है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि मजबूत और दयालु समाज तभी बनता है जब सभी पीढ़ियाँ मिलकर हिस्सा लें। इस बात का सीधा मतलब यही है कि पेंशन किसी एक वर्ग का मामला नहीं, बल्कि बुढ़ापे, असहाय स्थिति और कमज़ोर आय वाले परिवारों के लिए सहारा है। जयपुर से लेकर गाँव-कस्बों तक, इस योजना का असर छोटी-सी राहत की तरह दिखता है। घणी बार लोग नीति के आँकड़े देखते हैं, पर असली बात होती है घर की थाली, दवा और बिजली-बिल की चिंता। यहीं वह जगह है जहाँ पेंशन का हिसाब ज़िंदगी से जुड़ता है।
