आकड़ो: जंगल का घणी काम का पौधा
आकड़ो, यानी आकड़ो, मारवाड़ के खेत-खलिहान के किनारे मिलने वाला एक झाड़ जैसा पौधा है। इसके पत्ते बड़े होते हैं और गंध तेज, इसलिए लोग दूर से ही पहचान लेते हैं। पर गाँव की बोली में ऐसे पौधे बस बेकार नहीं होते; उनका अपना काम, अपनी पहचान होती है। आकड़ो का नाम सुनते ही याद आता है कि मारवाड़ी में एक शब्द कितनी सीधी बात कर देता है। बोलिए, “यो आकड़ो सा जिद पकड़ बैठ्यो,” तो मतलब समझ लो — बंदा हटने को तैयार नहीं। मारवाड़ की ज़ुबान में ऐसे शब्द सच्ची, सीधे और काम के होते हैं।
