आंगळी: एक छोटा शब्द, बड़ी बात
आंगळी मारवाड़ी का वह शब्द है जो एकदम सीधा काम करता है: उंगली। न ज्यादा झंझट, न बड़ा-सा शब्द। घर में कोई बच्चा चोट खाए और बोले, "म्हारी आंगळी दुख रही है," तो बात तुरंत समझ आ जाती है। यही मारवाड़ी की मीठी बात है — छोटा शब्द, पर अपनापन घणा। जयपुर और आसपास की बोलचाल में ऐसे शब्द रोज़ सुनने को मिलते हैं। स्कूल के बैग से लेकर छत की दीवार तक, आदमी अपनी बात में जब स्थानीय रंग मिलाता है, तो वह ज़िंदा लगती है। आज का शब्द याद रखो: आंगळी। प्रयोग भी सरल है: "म्हारी आंगळी में रंग लग गयो।" बस, काम हो गया। घणी सच्ची बात है.
