आंखड़ली: घर की पहली धुन
घर के आँगन में जब दामाद पहली बार ससुराल आता है, तब एक खास गीत गाया जाता है: आंखड़ली। यह सिर्फ गाना नहीं, पधारो-भाव का निशान है — नए रिश्ते की रीत को खुशी से जोड़ने वाली धुन। मारवाड़ में ऐसी परंपराओं से मेहमान को घर का हिस्सा बना दिया जाता है, बिना ज़्यादा शोर के। आंखड़ली का मतलब लोग अक्सर प्यारी, आँखों को भाने वाली गीत-लड़ी भी समझ लेते हैं। प्रयोग: “म्हारी काकी ने दामाद के आने पर आंखड़ली गाई।” सुनने में सीधी, पर इसमें घर की गरमाहट छुपी होती है। बस एक शब्द और पूरा आँगन मुस्कुरा उठता है।
