आंखड़ली: ससुराल का वह गीत
पहली बार जब दामाद ससुराल आता है, तो घर में खुशी का एक अलग ही रंग चढ़ जाता है। मारवाड़ी में उस मौके पर जो गीत गाया जाए, उसे आंखड़ली कहते हैं। नाम छोटा है, पर भाव बड़ा — जैसे एक नई रिश्तेदारी को धुन में बाँध देना। यह गीत सिर्फ़ रस्म नहीं, घर के लोगों का स्वागत होता है। आँगन, छत और खिड़कियों तक में उसकी आवाज़ घूमती है। आंखड़ली का मतलब सीधे “आँख” से जुड़ा है, पर बोलचाल में यह एक खास गीत बन गया। म्हारे यहाँ ऐसे शब्द ही तो संस्कृति को ज़िंदा रखते हैं — छोटे, प्यारे और याद रहने वाले। सुनो न, एक लाइन का प्रयोग: “दामाद आया तो म्हारी ताई ने आंखड़ली छेड़ दी।” घणी मीठी बात, बस इतनी सी।
