आंखड़ल्यां: मारवाड़ी शब्द आज का
आंखड़ल्यां मारवाड़ी का वह शब्द है जो सीधा दिल तक लगता है। मतलब: आँखें। घर में दादी हों या मोहल्ले में कोई बड़ा, इस शब्द में एक अपनापन है, जैसे बोलने वाला सामने वाले को बस देख नहीं रहा, महसूस भी कर रहा हो। जयपुर की गर्मी में जब कोई कहे, "म्हारी आंखड़ल्यां जल रही हैं," तो बात बिलकुल साफ है—आँखें थक रही हैं। आज का छोटा सा पाठ यह है: मारवाड़ी शब्द सिर्फ अर्थ नहीं देते, मिज़ाज भी देते हैं। "उसकी आंखड़ल्यां चमक रही थीं"—इस पंक्ति में सीधी सी खुशी भी है और थोड़ा सा रंग भी। बस इतना याद रखो: आँखें कहीं और से हो सकती हैं, पर आंखड़ल्यां बोलने में घर जैसा सुख आता है।
