एसीबी की ट्रैप में कॉन्ट्रैक्चुअल कर्मचारी पकड़ा
जयपुर में एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर कोटा इकाई ने ट्रैप कार्रवाई की और एक कॉन्ट्रैक्चुअल कर्मचारी को पकड़ा। यह मामला इसलिए चर्चा में आया क्योंकि बात किसी बड़े सत्ता-खेल की नहीं, बल्कि रोज़ की दफ़्तर वाली आदत की थी — काम को आगे बढ़ाने के बदले अतिरिक्त रकम मांगना। ऐसे मामले लोगों को याद दिलाते हैं कि भ्रष्टाचार सिर्फ़ बड़े नामों से नहीं, छोटी पोस्टों की छोटी मांग से भी व्यवस्था को ढीला करता है। एसीबी की टीम ने पूरी योजना के साथ कार्रवाई की, ताकि बात सीधे साक्ष्य तक रहे। स्थानीय स्तर पर लोग इसे एक और संकेत की तरह देख रहे हैं: फ़ाइल हो या मंज़ूरी, काम के साथ जोड़कर पैसा मांगना अब भी सबसे बड़ी परेशानी है। घणी सच्ची बात यह है कि ऐसे ट्रैप सिर्फ़ एक पकड़ नहीं होते, बल्कि कार्यालय संस्कृति पर सवाल भी खड़े कर देते हैं।
