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मारवाड़ी मुक्तिMarwadi Mukti

अठवाड़ो: थाली का छोटा हीरो

Athwado: thaali ka chhota hero

थाली साफ करते वक्त जो दो-तीन दाने, थोड़ा सा साग, या रोटी का कोना बर्तन में चिपक जाए, उसे मारवाड़ी में अठवाड़ो कहते हैं। ये बस बचा-खुचा नहीं, घर की आदत और इज्जत का छोटा सा हिसाब भी है। जयपुर के कई घरों में बच्चे को बोला जाता है, "अठवाड़ो भी खा ले, घणी मेहनत से बना है।" इस शब्द में एक सीधी सी सच्चाई है: खाना जाया न हो। मारवाड़ी बोलचाल में ऐसे शब्द घर की रसोई से निकलकर सीधे याद में बैठ जाते हैं। आज का शब्द-ए-दिन: अठवाड़ो — जो थाली में रह गया, पर बात में रहने लायक है।