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मारवाड़ी मुक्तिMarwadi Mukti

अठवाड़ो: थाली का छोटा हीरो

Athwado: thali ka chhota hero

पहली नज़र में अठवाड़ो बस बचा हुआ खाना लगता है। पर राजस्थानी घरों में इसके साथ एक सीधी सी समझ होती है: थाली का आदर, और रोटी-चावल की क़ीमत। दादी बोलती थी, जो चीज़ परोसी गई हो, उसका हिसाब दिल से रखो। अठवाड़ो का मतलब है बरतन में रह गया खाना। कभी दाल का किनारा, कभी रोटी का टुकड़ा, कभी चावल के दो दाने। घर में बच्चों को बोला जाता था, "अठवाड़ो मत छोड़ो, खा लो।" इसी में घर की आदत और बचत दोनों छुपी हैं। मारवाड़ी में ये शब्द सिर्फ बचा हुआ नहीं, बल्कि समझदारी भी है। थाली का अठवाड़ो याद दिलाता है: कम में भी पूरी बात हो सकती है।

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