बांच: ‘पढ़ना’ का मारवाड़ी शब्द
बांच (बांच) मारवाड़ी का सीधा-सादा, काम का शब्द है — मतलब ‘पढ़ना’। जयपुर के स्कूल-कॉलेज वाले घरों में यह बात घणी स्वाभाविक लगती है। किसी ने कहा, ‘कल परीक्षा है, थोड़ी देर बांच ले,’ तो समझ लो बस पढ़ने की बात हो रही है। इस शब्द में कोई नखरा नहीं, सीधी सी बात है, जैसे म्हारे घर की चाय। प्रयोग भी मस्त है: ‘म्हारे भाई, पहले पाठ बांच ले, फिर बाहर जाना।’ आज का शब्द याद रखो — बांच। छोटा सा शब्द, पर काम बड़ा: किताब, नोट, या कागज़ कुछ भी हो, पढ़ने का अपना देसी अंदाज़। घणी बार ऐसे सरल शब्द ही बोलचाल को ज़िंदा रखते हैं.
