बांटे: ज़मीन का मारवाड़ी शब्द
बांटे मारवाड़ी में उस हिस्से को बोलते हैं जो ज़मीन की बटाई या पट्टे के हिसाब से किसी को मिलता है। गाँव की बोली में यह शब्द सीधा और काम का है—खेती हो, फसल हो, और हिसाब चल रहा हो, तो बांटे का ज़िक्र आ ही जाता है। जयपुर के आस-पास के गाँवों में ऐसे शब्द अब भी सुनाई दे जाते हैं, खासकर जब बुज़ुर्ग फसल के हिसाब पर बात करते हैं। “इस साल बांटे ठीक आई” का मतलब होता है हिस्सा ठीक मिला। छोटा-सा शब्द, पर इसमें पूरी खेती की दुनिया छुपी है। घणी सच्ची बात है ना, भाईसाब?
