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मारवाड़ी मुक्तिMarwadi Mukti

बधणों: बढ़ने का मारवाड़ी सीधा सा राज

Badhnon: badhne ka Marwari simple sa raaz

बधणों मारवाड़ी का वो शब्द है जो सीधे दिल में बैठ जाए: बढ़ना, ग्रो करना। घर में कोई बच्चा कद में बढ़े, काम में आदमी सुधरे, या ज़िंदगी थोड़ी और सँभले — सबके लिए ये बोल सकते हो। मारवाड़ी में पंक्ति ऐसे बनती है: “म्हारी बहन रोज़ पढ़ के बधणी है।” इसमें सिर्फ़ बढ़ना नहीं, मेहनत भी छुपी है। गाँव-कस्बों में बड़े-बुज़ुर्ग ये शब्द प्यार से बोल देते हैं, जैसे कह रहे हों: अब समय आ गया है आगे बढ़ने का। घणी सीधी, पर काम की बात है, भाईसाब।