बड़कुल्या: मारवाड़ी का छोटा सा जादू
बड़कुल्या मारवाड़ी का एक मज़ेदार शब्द है। इसका मतलब है गोबर से बनी गोल चीज़, जिसके बीच छेद होता है, ताकि उसे माला में पिरोया जा सके। गाँव में यह काम सिर्फ काम नहीं, घरेलू कला भी है। दीवाली या किसी संस्कार के समय ऐसे बड़कुल्या बनाकर दरवाज़े, छत या आँगन की सजावट की जाती थी। यहाँ शब्द भी सुंदर है और काम भी। बड़कुल्या बोलने में एक देसी सी मिठास आती है, जैसे घर की गली, मिट्टी की खुशबू और हाथ का काम। “बड़कुल्या ला दे” — बस इतना कहने से ही दृश्य समझ आ जाता है। मारवाड़ी में ऐसे छोटे शब्द पूरी यादगारी ले आते हैं।
