बाजरो: राजस्थान का असली पेट भरने वाला दाना
बाजरो सुनते ही राजस्थान की धरती याद आ जाती है। यह वह दाना है जो कम पानी में भी टिकता है और गाँव के खाने का असली आधार माना जाता है। सर्दी हो या गर्मी, बाजरे की रोटी, लहसुन की चटनी और मक्खन का मेल सीधे दिल जीत लेता है। मारवाड़ी में बाजरो का मतलब है बाजरा, यानी देश की सूखी मिट्टी का भरोसेमंद अनाज। बात में भी इसका रंग है: सीधा, मजबूत, और काम का। म्हारे यहाँ कोई बोले, “आज बाजरे की रोटी बनाई,” तो समझ लो घर में खुशबू और पेट दोनों खुश। सच्ची, ऐसे शब्द सिर्फ बोली नहीं, जीने का तरीका भी होते हैं।
