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मारवाड़ी मुक्तिMarwadi Mukti

बालम: घणी प्यारी मारवाड़ी बात

Balam: ghani pyaari Marwari baat

बालम मारवाड़ी का वह शब्द है जो सीधे दिल तक पहुँचता है। इसका मतलब होता है पति या प्रेमी, पर लहजा हमेशा प्यार वाला होता है। घरों में, खासकर गाँव की बोलचाल में, यह शब्द अपनापन दिखाता है — जैसे सामने वाला पराया नहीं, अपना ही हो। इस्तेमाल भी सीधा और मिठास भरा होता है: “म्हारो बालम आज बाज़ार गया है।” या फिर, “बालम बिना घर सूना लगतो है।” इसमें कोई भारीपन नहीं, बस घणी सी भावना है। मारवाड़ी में ऐसे शब्द बात को जिंदा रखते हैं। सच्ची, छोटा सा शब्द कभी-कभी पूरी याद जैसा लगता है।