बंधनी दुपट्टा: हर त्योहारी अलमारी का हीरो
बंधनी दुपट्टा देखते ही जयपुर का त्योहार वाला रंग याद आ जाता है। लाल, गुलाबी, नीला रंग और उँगली से बने छोटे बिंदु—यह कपड़ा बस सजावट नहीं, घर की याद है। सांगानेर, जयपुर और आसपास के बाज़ारों में ऐसे दुपट्टे हर साल फिर खोजे जाते हैं, क्योंकि इनमें नया-पन भी है और पुरानी दोस्ती भी। असल बात यह है कि बंधनी सिर्फ सूट के साथ नहीं, साड़ी, लहँगा या सादी कुर्ती के साथ भी चल जाता है। एक ही दुपट्टा पूरा रंग बदल देता है। म्हारे यहाँ त्योहारी संदूक में इसका होना लगभग पक्का होता है—क्योंकि फोटो हो, तीज हो या परिवार का मिलना, यह चुपचाप सबको सुन्दर दिखा देता है।
