ब्लू पॉटरी: जयपुर का फ़ारसी रंग
जयपुर की नीली मिट्टी की कारीगरी को देखकर लगता है जैसे शहर ने एक पुराना सफ़र अपनी छतों पर उतार लिया हो। इसका रंग और ढंग फ़ारस से आया, पर जयपुर के कारीगरों ने इसे अपने हाथ और अपनी ज़मीन से नया रूप दिया। सांगानेर और आसपास के इलाके इस काम के लिए जाने जाते हैं, जहाँ मिट्टी के बदले क्वार्ट्ज और घोल का अलग ही जादू चलता है। भाईसाहब, इसमें सबसे खास बात यह है कि यह कारीगरी देखने में नाज़ुक लगती है, पर हर परत में मेहनत छिपी होती है। घणी सच्ची बात है — जयपुर ने इस कला को मेहमान की तरह नहीं, अपने घर के रंग की तरह संभाला। इसी लिए नीली मिट्टी की कारीगरी सिर्फ़ एक चीज़ नहीं, पिंक सिटी की पहचान का ठंडा-नीला कोना है।
