BMW बेचकर घड़ियों का नया सपना — जयपुर से निकली कहानी
Jaipur Watch Company की शुरुआत किसी शोरूम वाले मूड से नहीं, बल्कि एक जिज्ञासु दिमाग से हुई। लगभग दस साल पहले, संस्थापक नए तरीके ढूँढ रहे थे कि घड़ी के डायल को कैसे अलग बनाया जाए। इसी दौरान उनका रुझान इतिहास और पुराने सिक्कों की तरफ गया, और फिर डिज़ाइन का पूरा खेल बदल गया। जयपुर की कारीगरी वाली हवा, शहर की नक्काशीदार सोच और भारतीय इतिहास के छोटे-बड़े निशान — सब एक ही विचार में मिल गए। इस सफ़र का सबसे चर्चित मोड़ यह था कि उन्होंने अपनी BMW बेच दी, ताकि ब्रांड को आगे बढ़ाया जा सके। मतलब, घड़ी का सपना इतना गहरा था कि गाड़ी की चमक भी उसके सामने हल्की पड़ गई। ऐसी कहानी याद दिलाती है: कभी-कभी पहचान बनाने के लिए पहले आराम छोड़ना पड़ता है।
