बॉस स्कैम: नाम बदलकर डर का नया खेल
जयपुर में साइबर ठगी का मामला अब सिर्फ ओटीपी या लिंक तक सीमित नहीं रहा। बॉस स्कैम में ठग फोन पर ऐसी बात करते हैं जैसे दफ्तर का कोई वरिष्ठ बोल रहा हो — जल्दी भुगतान करो, फ़ाइल अटकी है, या काम तुरंत चाहिए। इसी जल्दबाज़ी का फायदा उठाया जाता है। राज्य साइबर अपराध थाना ऐसे मामलों की जाँच में लगा है, और यही बताता है कि डिजिटल ठगी अब बहुत सीधी लगने वाली चाल से काम कर रही है। नया चेहरा, नया नंबर, और लहजा बिल्कुल औपचारिक — बस यही लोगों को फँसा देता है। एक छोटी सी लाइन, और सामने वाला सोचता रह जाता है, सच में बॉस बोल रहा है या कोई और? ऐसे स्कैम का सबक सीधा है: बिना जाँच किए पैसा, कोड या जानकारी किसी को मत दो। थोड़ा रुकना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
