चेन्नई हवाई अड्डे पर 21 लोगों की घर-वापसी
चेन्नई हवाई अड्डे का दृश्य सीधे दिल तक गया। बाढ़ से बचकर आए 21 नेपाल-निवासियों के पहुँचते ही परिजन पहले बस द्वार की ओर ताकते रहे, फिर चेहरे पहचानते ही दौड़कर गले लगे। कोई चुपचाप रो पड़ा, कोई हाथ पकड़कर बस इतना बोला — घणी देर बाद घर का सुख मिला। यह मिलन सिर्फ हवाई अड्डे का पल नहीं था, यह उस लंबी बेचैनी का अंत था जो परिवार वालों ने इंतज़ार में झेली। ऐसे मौकों पर हवाई अड्डे की भीड़ भी थोड़ी धीमी लगने लगती है, जैसे सब समझ गए हों कि अभी बोलने से ज़्यादा महसूस करना ज़रूरी है। 21 लोगों की सुरक्षित वापसी ने फिर याद दिला दिया — कभी-कभी खबर का सबसे बड़ा हिसाब संख्या नहीं, साँस होती है।
