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पिंक सिटी डायरीज़Pink City Diaries

चोखी ढाणी की थाली, धीरे-धीरे जादू

Chokhi Dhani ki thali, dheere-dheere jadoo

चोखी ढाणी में थाली के सामने बैठते ही सब कुछ धीमा लगने लगता है। पहले बाजरे का रोटला आता है, गरम, थोड़ा फूला हुआ, और घी की हल्की चमक के साथ। फिर गट्टे की सब्जी, केर-सांगरी, दाल-बाटी का स्वाद और आखिर में चूरमा—मीठा, दानेदार, और घनी महक वाला। यह डिनर जल्दी खाने का नहीं, धीरे महसूस करने का है। थाली के साथ बातें भी लंबी होती हैं, और प्लेट खाली होते-होते भूख से ज्यादा खुशी रह जाती है। मेरा सबसे पसंदीदा हिस्सा? वह अतिरिक्त रोटी। क्योंकि यहाँ घर जैसी रसोई का एहसास ही सबसे बड़ी सजावट है।