Jaipur Live
← Feed
बाज़ार के किस्सेBazaar Ke Kisse

चोटी चौपड़ की इतर वाली गली

Choti Chaupar ki ittar wali gali

चोटी चौपड़ के सुगंधित स्टॉलों में दिन की शुरुआत शीशी की हल्की खनक से होती है। यहाँ रोज़, मिट्टी, केवड़ा और इतर की बूंदें सिर्फ खुशबू नहीं, याद भी बेचती हैं। दुकान के आगे खड़े लोग पहले साँस लेते हैं, फिर पसंद चुनते हैं—यह बाज़ार का पूरा असर है। एक पुराने दुकानदार ने बताया कि 12 बूंदों का हिसाब खास होता है; ज़्यादा लगाओ तो खुशबू भारी, कम लगाओ तो फीकी। इसी लिए ग्राहक ने रुक कर पूछा, “भैया, इतना ही?” और फिर मुस्कराकर छोटी सी शीशी ले गया। जयपुर के इस हिस्से में खरीदारी कभी सिर्फ खरीद नहीं होती, एक सुगंध-यात्रा होती है। सच्ची, चोटी चौपड़ का यह रंग घणी देर तक याद रहता है।