सीएम का सिटी-टू-सिटी रोडशो, निकाय चुनाव का मूड सेट
जयपुर की सड़कों पर बुधवार को रोडशो का दृश्य था, और इसने निकाय चुनाव को सीधे रोज़मर्रा की शहर-चर्चा बना दिया। अंतिम दिन मुख्यमंत्री का खुद उतरना इस बात का संकेत था कि मामला सिर्फ़ स्थानीय निकाय का नहीं, पार्टी के लिए भी घणा महत्वपूर्ण है। जयपुर के बाद बीकानेर, उदयपुर और कुछ और शहरों में भी ऐसे ही रोडशो हो चुके हैं, इसलिए अभियान का तरीका एक पैटर्न जैसा दिख रहा है — शहर के हिसाब से संदेश, भीड़ के हिसाब से रुख़। लोग भी यही कह रहे थे, अब देखना है कि इस शहर-दर-शहर जोर का असर मतदान के मूड पर कितना पड़ता है। यह चुनाव सिर्फ़ राजस्थान का स्थानीय हिसाब नहीं, बल्कि पार्टी के लिए एक मूड-चेक भी बन गया है.
