कांग्रेस की घटती रफ्तार पर भाजपा का ताना
जयपुर में भाजपा की तरफ से कांग्रेस पर की गई टिप्पणी ने राजनीतिक माहौल को फिर से गरमा दिया। बात का सीधा मतलब यही था कि कांग्रेस की कमजोर होती स्थिति को लेकर जो तंज कसा गया, उसके पीछे गुस्सा कम और निराशा ज्यादा दिखी। यहां असली बात सिर्फ एक बयान की नहीं, बल्कि उस राजनीतिक मिजाज की है जो हार-जीत के बाद भी पार्टियों के चेहरों पर चिपका रहता है। जब कोई पार्टी लगातार दबाव में हो, तो उसके हर जवाब को लोग अलग नजर से देखते हैं। जयपुर जैसे शहर में, जहां सियासत की बात चाय और चबूतरे तक पहुंच जाती है, ऐसी टिप्पणी तुरंत पकड़ लेती है। एक तरह से यह पूरा मामला इस बात की याद दिलाता है कि राजनीति में शब्द भी निशाना बन जाते हैं। और जब जवाब का लहजा ही सबसे ज्यादा सुना जाए, तो समझ लो मैदान में सिर्फ बात नहीं, बदला हुआ मिजाज भी खेल रहा है।
