दिल्ली और जयपुर से 4 नाबालिग लड़कियाँ छुड़ाई गईं
खूंटी की चार नाबालिग लड़कियाँ, जो मानव तस्करी का शिकार बनी थीं, उन्हें दिल्ली और जयपुर से सुरक्षित निकाला गया। यह मामला सिर्फ एक बचाव तक सीमित नहीं है; इसमें दो शहरों के बीच फैला वह रास्ता भी दिखता है जहाँ से बच्चों को बहला-फुसलाकर ले जाया जाता है। ऐसी कार्रवाई में सबसे बड़ी बात यह होती है कि समय पर पहचान और तेज़ समन्वय हो। शहरों की चमक के पीछे जो अँधेरा छिप जाता है, वह इसी तरह के मामले से सामने आता है। बचाव के बाद अब ध्यान उनकी देखभाल, सुरक्षा और वापस सामान्य ज़िंदगी की ओर लौटने पर होता है। एक अधिकारी ने जो सीधी बात कही, वह याद रहती है — बच्चों को बचाना सिर्फ़ बचाव नहीं, पूरी ज़िम्मेदारी है। यह ख़बर एक चेतावनी भी है और एक राहत भी।
