लोकतंत्र भारत की DNA में है: जोशी
जयपुर में मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने लोकतंत्र को भारत की पहचान का हिस्सा बताया और कहा कि सत्ता बदलने का एक ही संवैधानिक रास्ता चुनाव है। यह बयान ऐसे समय आया जब राजनीतिक चर्चा में प्रक्रियाओं और जनादेश पर फिर से ध्यान दिख रहा है। उनका कहना सीधा था: जनता की पसंद को किनारे रखकर सत्ता का हस्तांतरण नहीं हो सकता। जयपुर जैसे शहर में, जहाँ नागरिक चर्चा से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक हर मुद्दा चाय की टपरी पर भी चल पड़ता है, ऐसी बात सीधे लोगों के मन में उतर जाती है। उन्होंने जो ज़ोर दिया, उसका मतलब था कि चुनाव सिर्फ़ रस्म नहीं, व्यवस्था का मूल है। म्हारे शहर में यह बात इसलिए भी अलग नहीं लगती, क्योंकि संदेश साफ़ है: फैसला मतपेटी से आता है, शॉर्टकट से नहीं।
