धूप की मार, फसलों की फिक्र बढ़ी
खेत की मिट्टी जब फटने लगे, तो किसान की नजर सीधा आसमान पर टिक जाती है। राजस्थान के दो-तीन नहीं, दो दर्जन से ज्यादा जिलों में बारिश कम पड़ी है, और इससे खरीफ की फसलों पर सीधा असर दिख रहा है। ग्वार, मूंग, मोठ और बाजरा जैसे बीज जो इस मौसम में उम्मीद बनते हैं, इस बार कई जगह धूल में बदलते नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि राहत के कदम की बात बार-बार उठ रही है। गांव के लोग कह रहे हैं कि पानी के बिना सिर्फ फसल नहीं, पूरा घर का हिसाब हिल जाता है—बीज, खाद, मेहनत, सब एक साथ दांव पर लगते हैं। इसलिए मांग सिर्फ मदद की नहीं, वक्त पर मदद की है। सूखे की इस तनाव भरी घड़ी में सबसे बड़ी जरूरत है कि फैसला जल्दी हो और किसान को थोड़ी सांस मिल जाए। खैर.
