दिवाली की सजावट पर व्यापारियों का सख्त संदेश
बाज़ार में दिवाली आते ही रंग, रोशनी और खुशबू का जो मेला लगता है, उसकी योजना कई दिन पहले से चलती है। इस बार जयपुर के व्यापारियों का मिज़ाज थोड़ा अलग है, क्योंकि JMC की कार्रवाई के बाद उन्होंने सजावट पर ही सवाल उठा दिया है। दुकान के बाहर लगने वाली लाइटें, तोरण और रंगोली का खर्च छोटा नहीं होता, और जब ऊपर से कार्रवाई का दबाव हो, तो हिसाब और भी कड़ा हो जाता है। व्यापारियों का कहना है कि वे त्योहार से मुँह नहीं मोड़ रहे, पर बिना साफ़ बात और भरोसे के सजावट करना मुश्किल लग रहा है। बाज़ार का यह एक पुराना दृश्य है: दिवाली का उत्साह और नियम का दबाव, दोनों साथ-साथ चलते हैं। अब सबकी नज़र इस पर है कि अगला फैसला क्या बनता है, क्योंकि उसी से तय होगा कि इस बार जयपुर की सड़कों पर रोशनी कितनी चमकेगी और कितनी धीमी रहेगी। ख़ैर.
