Jaipur Live
← Feed

दुर्गा पूजा के पंडाल: कविता से कोल माइन तक

Durga Puja ke pandal: kavita se coal mine tak

दुर्गा पूजा का रंग अब सिर्फ मूर्ति और रोशनी तक सीमित नहीं रहा; पंडाल भी अब एक पूरी सोच बन चुके हैं। इस फोटो शृंखला में कोलकाता, जयपुर और रांची के अलग-अलग थीम दिखते हैं — बंगाली साहित्य और अबोल तबोल की मस्ती से लेकर कोयला खदानों की सख्त दुनिया तक, और एक जगह ओणम की हल्की छाया भी। जयपुर में भी तैयारियों का माहौल गरम है, क्योंकि शष्ठी 16 अक्टूबर को है और घड़ी अब तेज चल रही है। यहाँ पंडाल सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि याद, पहचान और रंग का मिश्रण बन जाता है। एक तरफ लोग डिज़ाइन देखते हैं, दूसरी तरफ थीम की बात करते हैं — और इसी बात में पूजा का असली मज़ा छुपा होता है। घणी सच्ची बात, हर साल कुछ नया मिल ही जाता है।