फेस्टिव ब्रेक का प्लान? इंडिया के 5 क्विक आइडिया
फेस्टिव सीज़न में यात्रा का मज़ा तब आता है जब योजना भी मूड के हिसाब से हो। इस गाइड का सीधा-सा विचार यही है: हर यात्री के लिए अलग गंतव्य, ताकि परिवार को सहूलियत मिले, कपल्स को थोड़ा सुकून, और सोलो यात्री को अपनी रफ़्तार। कोई पहाड़ी ठंडे हवा-पानी वाला स्थल चाहे, कोई समुद्र-तट का खुला किनारा, और कोई शहर की घूमती गलियों में बस खुद को खो देना चाहे — भारत में विकल्प घणे हैं। ऐसी गाइडों का काम बस जगह बताना नहीं, बल्कि निर्णय को थोड़ा हल्का करना होता है। कभी छोटी छुट्टी चाहिए, कभी बजट का हिसाब, कभी बस ऐसा स्थान जहाँ त्योहार की भीड़ के बीच भी साँस ली जा सके। बस इतना ही: सही स्थान मिल जाए, तो छुट्टी याद रह जाती है।
