गायत्री देवी: जयपुर की शान और सभा की आवाज
जयपुर की राजमाता गायत्री देवी का नाम शान और हिम्मत, दोनों के साथ याद किया जाता है। कूचबिहार के राजघराने में जन्मी गायत्री ने जयपुर आकर शाही तहज़ीब को नया रंग दिया। उनके साफ़-सुथरे पहनावे, सीधे अंदाज़ और शांत भरोसे ने उन्हें अलग पहचान दी। आज़ादी के बाद उन्होंने राजनीति का रुख किया और स्वातंत्र्य पार्टी से संसद पहुँचीं। वहाँ उन्होंने 12 साल तक काम किया और इंदिरा गांधी सरकार की खुलकर आलोचना की। यही उनकी पहचान थी—सिर्फ़ फ़ैशन आइकन नहीं, बल्कि ऐसी नेता जो अपनी बात बिना हिचक रखती थीं। जयपुर की धरती पर उनकी याद आज भी घणी गहरी है, राजमाता के रूप में भी और एक मज़बूत आवाज़ के रूप में भी।
