गेहलोत ने BJP के बयान पर उठाया सवाल
दिल्ली में CEC के खिलाफ विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन को लेकर सियासत का लहजा फिर गरम हो गया। गेहलोत ने BJP के एक बड़े नेता के बयान पर आपत्ति जताई और कहा कि शब्द ऐसे होने चाहिए जो बात को समझाएँ, न कि और तनाव बढ़ाएँ। उनका इशारा इस तरफ था कि जब नेता सख्त भाषा इस्तेमाल करते हैं, तो उसका असर सीधे जनता के मनोभाव पर पड़ता है। मुद्दे की बुनियाद विरोध-प्रदर्शन है, लेकिन चर्चा अब उसके आसपास के लहजे पर टिक गई है। दिल्ली की हवा में जो बात घुमी, वह यही थी कि विपक्ष का विरोध अलग चीज़ है और उस पर दी गई प्रतिक्रिया अलग। गेहलोत ने इसी फ़र्क को सामने रखा और जनता, विपक्षी नेताओं और युवाओं का ज़िक्र करके एक नरम, पर सीधी बात कही। सच्ची बात यह है कि राजनीति में कभी-कभी मुद्दा कम, भाषा ज़्यादा सुनाई देती है। और इसी भाषा पर अब सबकी नज़र है।
