Jaipur Live
← Feed
जयपुर बोलेJaipur Bole

हर मोहल्ले का अपना कुल्हड़ किंग

Har mohalle ka apna kulhad king

छोटी सी टपरी, दो स्टूल, और केतली की सीटी — जयपुर में चाय का माहौल यहीं से बनता है। पर हर मोड़ का कुल्हड़ किंग अलग होता है। कहीं चाय ज़्यादा कड़क, कहीं चीनी कम, कहीं मलाई ऊपर तक। लोग चाय के लिए कम, अपनी आदत के लिए ज़्यादा आते हैं। म्हारे जयपुर में यह एक छोटी सी रस्म है: एक ही गली में तीन टपरी, और तीनों का अपना प्रशंसक वर्ग। सुभाषजी की टपरी पर रोज़ 300 कुल्हड़ खाली होते हैं, क्योंकि उनकी अदरक वाली चाय और सर्दी का मेल सबको भाता है। भाया, चाय सिर्फ पीने की चीज़ नहीं, अपनी जगह पर थोड़ी पहचान भी है।