High-tension cable chori par 12 log pakde
सीकर में उच्च-तनाव विद्युत केबल की चोरी का मामला केवल एक-दो इलाकों तक सीमित नहीं था। पुलिस के अनुसार अंतरराज्यीय गिरोह ने अलग-अलग जगहों से केबल निकालकर बिजली के काम को नुकसान पहुँचाया, और नुकसान की कीमत कई करोड़ तक पहुँच गई। 12 लोगों की गिरफ्तारी के बाद जो तस्वीर बनी, वह साफ है: यह कोई इधर-उधर की चोरी नहीं, बल्कि व्यवस्थित तरीके से चल रहा पैटर्न था। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार लोगों ने सदर नीम जैसे इलाकों में दर्जनों चोरी की बात स्वीकार की। यानी एक ही रास्ता, एक ही तरह का निशाना, और बार-बार वही नुकसान। ऐसे मामले केवल केबल का नुकसान नहीं करते, पूरी बिजली व्यवस्था का भरोसा हिला देते हैं। घणी सच्ची बात यही है — जब लाइन का सामान गायब होता है, तो मरम्मत से लेकर आपूर्ति तक सब पर असर पड़ता है। अब इस पकड़ से पूरा नेटवर्क कितना खुलता है, वही असली परीक्षा होगी।
