जयपुर सेंट्रल जेल में मोबाइल का सिलसिला फिर चर्चा में
जयपुर सेंट्रल जेल का नाम आजकल एक और वजह से चर्चा में है — बंदियों के पास मोबाइल मिलने का सिलसिला। जेल जैसी सख्त जगह में फोन का मिलना सिर्फ़ एक छोटी गड़बड़ी नहीं, बल्कि पूरी निगरानी पर सवाल खड़ा करता है। कहीं न कहीं, दीवार और जाँच-बिंदुओं के बीच कोई न कोई रास्ता अब भी बच जाता है। अंदर का माहौल भी इससे अलग नहीं होता। जहाँ एक तरफ़ अनुशासन और दिनचर्या चलती है, वहाँ छोटा सा हैंडसेट पूरी व्यवस्था को उलट-पुलट कर देता है। एक पुराना सा कहना यहाँ ठीक बैठता है — एक फोन, और पूरी शृंखला की चिंता। ऐसे मामले बार-बार आना इस बात का संकेत है कि जाँच को और कड़ा करने की ज़रूरत है। जेल का काम सिर्फ़ बंद रखना नहीं, हर कोने को सच्ची तरह देखना भी है।
