जयपुर का पान काउंटर: सुपारी डिब्बे की सोशल सीट
जयपुर के पुराने पान काउंटर पर पान से पहले नजर सुपारी डिब्बे पर जाती है। छोटा सा डिब्बा, पर उसके पास खड़े लोगों की पूरी दुनिया: स्कूल से निकले लड़के, दफ्तर से लौटते आदमी, और वह चाचा जो बिना किसी काम के भी घणी देर तक टिक जाते हैं। पानवाला हाथ चलाता है, पर साथ में गली की खबर भी चलती रहती है। यहीं बात बनती है, यहीं रुकती भी है। कोई एक पान का ऑर्डर देता है, कोई सिर्फ मीठी सुपारी। और जब सुपारी डिब्बा खुलता है, तो लगता है जैसे मोहल्ला अपनी सीट पर बैठ गया हो। जयपुर में यह छोटा काउंटर दुकान कम, याद ज्यादा है—पधारो का सा लगता है, पर असल में यह रोज का ठहराव है।
