जयपुर के 9 होटल: हवेली से हिल-व्यू तक
जयपुर का होटल दृश्य भी शहर जितना रंगीन है। पुराने शहर में कुछ विरासत वाली हवेलियाँ ऐसी मिलती हैं जहाँ दीवार, झरोखा और आँगन मिलकर ठहरने को सिर्फ़ कमरा नहीं, एक छोटी-सी याद बना देते हैं। वहाँ सुबह की चाय और शाम का सुकून अलग ही लगता है, जैसे पुरानी शहर की धड़कन धीरे बोल रही हो। फिर कूकस तरफ़ के बड़े होटल आते हैं, जहाँ खुला आसमान, पठारों का दृश्य और आधुनिक सुविधा एक साथ मिलती है। किसी को शाही एहसास चाहिए, किसी को शांत विराम, और किसी को बस सप्ताहांत का नया ठिकाना — जयपुर सबको कुछ न कुछ दे देता है। सच्ची बात है, यहाँ होटल सिर्फ़ सोने की जगह नहीं, शहर को नए तरीके से देखने का बहाना भी बन जाता है।
